काठमांडू: नेपाल के वालेन शाह मंत्रिमंडल में दो मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ लिया

गुरु जी की कलम से
 नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता सुदान गुरुंग और निर्दलीय सांसद महावीर पुन को मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता सूदान गुरुग को गृह मंत्री और पुन को विज्ञान, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन मंत्री नियुक्त किया गया है।


सुदान गुरुंग ने दो महीने पहले बिचौलिए दीपक भट्ट के साथ व्यापारिक संबंध रखने, अज्ञात स्रोतों से संपत्ति अर्जित करने और अपनी संपत्ति के विवरण में झूठी जानकारी देने के आरोप लगने के बाद इस्तीफा दे दिया था।

 पहली बार गृह मंत्री बनते ही पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी का आदेश जारी कर दिया था, जिन्हें बाद में कोर्ट ने जमानत दे दी थी



प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की सिफारिश पर इस्तीफा देने के दो महीने बाद राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के सांसद सुधन गुरुङ फिर से गृह मंत्री बने हैं।
म्याग्दी से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित महावीर पुन को विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार मंत्री नियुक्त किया गया है। वे पहले संसद में इस मंत्रालय का नाम “विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार अनुसंधान मंत्रालय” रखने की मांग उठा चुके थे।
पूर्व गृह मंत्री गुरुङ की संपत्ति के संबंध में जांच कर रही पूर्व न्यायाधीश अच्युतप्रसाद भण्डारी की अध्यक्षता वाली समिति ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में कहा गया कि गुरुङ की संपत्ति को “अस्वाभाविक या स्रोतविहीन” नहीं माना जा सकता। इसके बाद प्रधानमंत्री शाह ने मंगलवार को गुरुङ और पुन दोनों को मंत्री नियुक्त करने की सिफारिश की। दोनों ने मंगलवार शाम राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल से पद और गोपनीयता की शपथ ली
 सुदान गुरुंग गृह मंत्री बनते ही कई अहमफैसले लिये
मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद गुरुङ ने कहा कि वे नेपाल पुलिस के केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाएंगे तथा “हर फाइल खोली जाएगी।” उन्होंने लंबित जांचों को शीघ्र निष्कर्ष तक पहुंचाने का निर्देश दिया।
उन्होंने जघन्य अपराध, आर्थिक अपराध, संगठित अपराध और अन्य गंभीर मामलों की जांच के लिए विशेषज्ञ समूह बनाने का निर्णय लिया। साथ ही साथ, उन्होंने 1 जून 2001 को हुए शाही दरबार हत्याकांड की जांच आगे बढ़ाने का भी फैसला किया, जिसमें तत्कालीन राजा वीरेन्द्र शाह और उनके परिवार के अधिकांश सदस्य मारे गए थे।

गुरुङ ने गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों से संवेदनशील सूचनाओं के लीक होने से रोकने के लिए “सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन विजिलेंस टीम (SIVT)” गठित करने का भी फैसला किया है


इससे पहले विवादास्पद कारोबारी दीपक भट्ट से जुड़ी एक कंपनी में निवेश का विवरण सामने आने के बाद गुरुङ ने 9 वैशाख को इस्तीफा दे दिया था। सरकार ने जांच के लिए अच्युतप्रसाद भण्डारी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दीपक भट्ट और गुरुङ के बीच प्रत्यक्ष आर्थिक संबंध या लेनदेन के प्रमाण नहीं मिले। मंत्रिपरिषद ने मंगलवार को इस रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। हालांकि रिपोर्ट सार्वजनिक होने और उसके विस्तृत अध्ययन से पहले ही प्रधानमंत्री शाह ने गुरुङ को फिर से गृह मंत्री नियुक्त कर दिया।

आयोग की सदस्य लिली थापा ने कहा, “जिस व्यक्ति के खिलाफ जांच की सिफारिश की गई हो, वही यदि जांच से जुड़े मंत्रालय का प्रमुख बन जाए तो निष्पक्ष जांच की क्या उम्मीद की जा सकती है? अतीत में भी ऐसा होने पर कई जांचें अधूरी रह गई थीं।”




विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार मंत्री बने महावीर पुन 21 फागुन के चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में सांसद चुने गए थे। जेन–जी आंदोलन के बाद बनी सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली सरकार में वे शिक्षा मंत्री थे।
मंगलवार दोपहर तक उन्हें मंत्री बनाए जाने की जानकारी नहीं थी।

 जब सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटरों ने उन्हें घेर लिया तो उन्होंने कहा, “मैं अभी तक किताब बेच रहा था, अचानक मंत्री बना दिया गया।

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