केएमसी भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा का सम्मान, शिक्षा की गुणवत्ता और नई शिक्षा नीति पर हुई
लखनऊ, 7 जून।
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (केएमसी) के कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा ने आगरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रोफेसर मंजूर अहमद से उनके शेरवानी नगर स्थित आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर एजुकेशन अवेयरनेस कमेटी के संस्थापक एवं संयोजक डॉ. मसीह उद्दीन खान भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
एजुकेशन अवेयरनेस कमेटी द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा व्यवस्था, नई शिक्षा नीति (NEP) तथा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रोफेसर अजय तनेजा ने कहा कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी अपने विचार रखे।
प्रोफेसर मंजूर अहमद ने प्रोफेसर अजय तनेजा की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे एक गतिशील व्यक्तित्व के धनी और उत्कृष्ट शिक्षाविद हैं। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर तनेजा वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं और उनके नेतृत्व में केएमसी भाषा विश्वविद्यालय नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय बाद विश्वविद्यालय को ऐसा ऊर्जावान और दूरदर्शी कुलपति मिला है जो शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए समर्पित है।
एजुकेशन अवेयरनेस कमेटी के संयोजक डॉ. मसीह उद्दीन खान ने कहा कि समिति वर्तमान शिक्षा व्यवस्था, उसके स्वरूप तथा शिक्षा जगत के सामने मौजूद चुनौतियों पर लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने समय की मांग के अनुरूप नए पाठ्यक्रमों और नवाचारों को शामिल किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर मंजूर अहमद द्वारा प्रोफेसर अजय तनेजा को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केएमसी भाषा विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के प्रभारी डॉ. हारून रशीद अंसारी भी उपस्थित रहे। उनके साहित्यिक एवं रचनात्मक योगदान को देखते हुए प्रोफेसर मंजूर अहमद और डॉ. मसीह उद्दीन खान ने उन्हें भी स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया।
अंत में एजुकेशन अवेयरनेस कमेटी ने प्रोफेसर अजय तनेजा के आगमन पर उनका आभार व्यक्त किया।
— डॉ. हारून रशीद अंसारी
इंचार्ज, अंग्रेजी विभाग
केएमसी भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ