मछली मंडी का निर्माणाधीन गेट गिरा, मजदूर की मौत; विधायक विनय वर्मा ने भ्रष्टाचार और लापरवाही पर उठाए सवाल
शोहरतगढ़ विधानसभाक्षेत्र के अंतर्गत तुलसियापुर चौराहे के पास मधवापुर में निर्माणाधीन मछली मंडी के गेट के गिरने से एक मजदूर की मृत्यु एवं अन्य श्रमिक घायल हो गए
बढ़नी सिद्धार्थ नगर
गुरु जी की कलम से
आज 3 जून दिनदहाड़े बिना आधी बिन बरसात भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा निर्माण कार्य
इस घटना की जानकारी होने शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनय वर्मा ने जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को
घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, घायलों के इलाज का समुचित प्रबंध , मुआवजा तथा जिम्मेदारी निर्धारित किए जाने के संबंध में पत्र लिखकर कर अवगत कराया है उन्होंने जिलाधिकारी को लिखे गए पत्र में कहा है कि घटना की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच (मजिस्ट्रेटीय जांच) कराई जाए।
निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, इंजीनियरिंग स्टाफ तथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।
मृतक मजदूर के परिजनों को उचित मुआवजा तथा घायल मजदूरों को सर्वश्रेष्ठ इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और मृतक सहित सभी घायलों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए।
समस्त निर्माण कार्यों में गुणवत्ता जांच एवं दोषी अधिकारियों/ठेकेदारों के विरुद्ध जिम्मेदारी निर्धारित की जाए।
शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मधवापुर में निर्माणाधीन मछली मंडी के गेट के अचानक गिर जाने से एक मजदूर की मलबे में दबकर मृत्यु हो जाना तथा छह अन्य मजदूरों के घायल हो जाने की सूचना से मेरा हृदय अत्यंत व्यथित है। लगभग 5.56 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस मछली मंडी के गेट का इस प्रकार ढह जाना मेरे द्वारा समय-समय पर उठाई जा रही अनियमितताओं, भ्रष्टाचार तथा निम्न गुणवत्ता संबंधी शिकायतों को सत्यापित करता है।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपने मेरे द्वारा बार-बार जनहित के मुद्दों पर उठाई गई शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया, जबकि अपने अधीनस्थ अधिकारियों की रिपोर्टों पर अत्यधिक विश्वास किया । मुझे सोशल मीडिया से पता चला कि गत 19 मई को आप स्वयं मछली मंडी निर्माण कार्य का निरीक्षण कर चुके थे, फिर भी क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार दी जा रही सूचनाओं को नजरअंदाज किया गया कि निर्माण कार्य में मानकों की घोर अनदेखी की जा रही है तथा गुणवत्ताहीन सामग्री का प्रयोग हो रहा है। यदि कार्य मानकों के अनुरूप होता तो बिना किसी आंधी-तूफान या प्राकृतिक आपदा के निर्माणाधीन गेट इस प्रकार भरभराकर नहीं गिरता।
सबसे चिंताजनक एवं पीड़ादायक तथ्य यह है कि इतनी बड़ी दुर्घटना घटित होने के बाद भी लगभग दो - ढाई घंटे तक जिला प्रशासन या तहसील प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। एसडीएम शोहरतगढ़ कहाँ थे ? अन्य अधिकारी कहाँ थे? किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का मौके पर न पहुंचना घोर लापरवाही को दर्शाता है। परिणामस्वरूप एक मजदूर लंबे समय तक मलबे में दबा रहा और समय पर उचित बचाव कार्य न होने के कारण उसकी मृत्यु हो गई।
यह घटना जिला प्रशासन की घोर लापरवाही, अकर्मण्यता तथा संवेदनहीनता का प्रमाण है।
सड़क निर्माण, स्टेडियम, कटानरोधी कार्य, सिंचाई परियोजनाएं सहित अन्य विकास कार्यों में भी मैं निरंतर अनियमितताओं, भ्रष्टाचार एवं गुणवत्ता संबंधी गंभीर शिकायतें आपके संज्ञान में लाता रहा हूँ, किंतु प्रत्येक मामले में शिथिलता एवं उदासीनता ही बरती गई। जिसकी वजह से जनता और एक जनप्रतिनिधि के नाते जनता की आवाज होने की वजह से मेरा भी आक्रोश स्वाभाविक है।
जनता इस प्रकार की घटनाओं से अत्यंत आक्रोशित है। अन्य सभी मामलों में भी प्रशासन अगर नहीं चेता तो ऐसी ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना दोबारा हो सकती है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में सरकार भ्रष्टाचार रहित और सुशासन, गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन कुछ अधिकारियों की लापरवाही, ग़ैर जिम्मेदाराना रवैये से इस मंशा को बार बार चोट पहुंचाई जा रही है। मैं फिर आगाह करना चाहता हूँ कि यह लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। मछली मंडी के काम में हीलाहवाली करने वाले दोषियों पर तुरंत एक्शन हो , भ्रष्टाचार की जाँच हो, गिरफ्तारी हो और अन्य सभी मामलों को भी जो पहले मेरे द्वारा उठाये गए हैं चाहे वह सड़क निर्माण के हों , कटानरोधी काम हों , सिंचाई परियोजना हो सभी मामलों को गंभीरता से लिया जाए