शिक्षा प्रेरकों ने बकाया मानदेय भुगतान को लेकर बीएसए सिद्धार्थनगर को सौंपा ज्ञापन
गुरुजी की कलम से
बढ़नी, सिद्धार्थनगर।
साक्षर भारत मिशन योजना के अंतर्गत कार्य कर चुके शिक्षा प्रेरकों ने अपने बकाया मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी सिद्धार्थनगर को ज्ञापन सौंपा। प्रेरकों ने मांग की कि लंबे समय से लंबित मानदेय का अविलंब भुगतान कराया जाए।
बताया गया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2011 में 14 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग के निरक्षर नागरिकों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से साक्षर भारत मिशन योजना संचालित की गई थी। योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक महिला एवं एक पुरुष शिक्षा प्रेरक की नियुक्ति ₹2000 प्रतिमाह मानदेय पर की गई थी। शिक्षा प्रेरकों ने गांव-गांव जाकर लोगों को साक्षर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और योजना को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य किया।
शिक्षा प्रेरकों का कहना है कि भारत सरकार द्वारा 31 मार्च 2018 को योजना को अचानक बंद कर दिया गया, जिसके बाद सभी कार्यरत शिक्षा प्रेरकों का 20 माह से लेकर लगभग 40 माह तक का मानदेय बकाया रह गया। आरोप है कि कई वर्षों बीत जाने के बावजूद अब तक भुगतान नहीं किया गया है, जिससे शिक्षा प्रेरक आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
इसी समस्या को लेकर शिक्षा प्रेरकों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी सिद्धार्थनगर को ज्ञापन सौंपते हुए बकाया मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की। प्रेरकों ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आगे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।