अरावली श्रृंखला पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन
लखनऊ, 9 मई 2026।
नर्वदेश्वर विधि महाविद्यालय, चिनहट की ओर से लक्ष्मी देवी स्मृति में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन महाविद्यालय सभागार में किया गया। सेमिनार का विषय “अरावली पहाड़ियों के संदर्भ में सतत विकास के लिए कानूनी एवं नीतिगत ढांचा” रहा, जिसमें देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षाविदों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आगरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर मंजूर अहमद ने की। मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय के भूगर्भ विभागाध्यक्ष प्रोफेसर के.के. अग्रवाल उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीकृष्ण विश्वविद्यालय छतरपुर (मध्य प्रदेश) के पूर्व कुलपति एवं विधि संकाय अध्यक्ष डॉ. दिनेश बाबू गौतम मौजूद रहे।
इस अवसर पर महाविद्यालय के संस्थापक एवं प्रबंधक नरेंद्र मणि त्रिपाठी, प्रोफेसर दुर्गेश मणि त्रिपाठी, मुख्य कार्य अधिकारी डॉ. दीप्ति मणि त्रिपाठी, विधि महाविद्यालय के प्राचार्य सी.के. शुक्ल तथा कार्यक्रम संयोजक एवं नर्वदेश्वर डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र प्रताप बहादुर श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया
राष्ट्रीय सेमिनार में एमिटी विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर मुद्रा सिंह, शिया पीजी कॉलेज की डॉ. प्रीति मिश्रा, डॉ. नरेन जड़ी, लखनऊ विश्वविद्यालय के राजनीति विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संजय गुप्ता, मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय के डॉ. डी.एम. पांडे, मौलाना आजाद उर्दू विश्वविद्यालय लखनऊ के डॉ. मसीहुद्दीन खान, डॉ. हरीश सिंह, डॉ. मदनी अंसारी, डॉ. शमशेर खान, प्रोफेसर डॉ. प्रवीण कुमार माथुर, डॉ. प्रमोद चौधरी, डॉ. नुज़हत फातिमा, डॉ. माही तलत सिद्दीकी सहित अनेक शिक्षाविदों ने अपने विचार व्यक्त किए।
वक्ताओं ने अरावली पर्वतमाला के संरक्षण, पर्यावरणीय चुनौतियों, सतत विकास और कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने माननीय उच्चतम न्यायालय के हालिया निर्णयों के संदर्भ में पर्यावरण संरक्षण एवं विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के असरार अहमद, मोहम्मद आफाक, डॉ. सरवत तकी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। महाविद्यालय की सहायक प्रवक्ता डॉ. रमेश प्रताप शुक्ला, अमिताभ चौधरी, वर्षा मिश्रा, पूर्वी चौधरी तथा छात्र-छात्राओं वैभवी मिश्रा, महिमा सिंह, सादिक अली, वात्सल्य उपाध्याय, तरुण खन्ना आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. देवेंद्र प्रताप श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।