मानवाधिकार उल्लंघन में नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली गृहमंत्री रमेश लेखक और पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुग सहित कई दोषी

नेपाल से
परमात्मा प्रसाद उपाध्याय की रिपोर्ट

नेपाल राष्ट्रिय मानव अधिकार आयोग ने २३ और २४ भदौको नेपाल केजेन-जीआंदोलन की घटना-क्रम छानबिनसम्बन्धी प्रतिवेदन का संक्षिप्त अंश सार्वजनिक करते हुए इसकी रिपोर्ट बुधवार को नेपाल सरकार के पास भेज दिया है



नेपाल के मानवाधिकार आयोग ने नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली नेपाल के पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक और पूर्व सूचना एवं संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बागुरुङ को मानवाधिकार उल्लंघन का दोषी
उनके साथ-साथ और कई लोगों कोउनकी जिम्मेदारी और भूमिका के अनुसार दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई करने की सिफारिश नेपाल सरकार से किया है


नेपाल मानवाधिकार आयोग की सदस्य लिली थापा के संयोजकत्व मेगतवर्ष  भादो 23 और 24 की घटनामें मानवाधिकार के उल्लंघन के विषय में अनुसंधान करने के लिए जो टीम गठित की गई थीउस समिति के प्रतिवेदन के आधार पर आयोग ने तत्कालीन नेपाल सरकार  नेतृत्व में करने वाले केपी शर्मा ओली रमेश लेखक और पृथ्वी सुब्बा गुरुंग को मानवाधिकार उल्लंघन कर्ता के रूप में चिन्हित किया है

बताया जाता है कि मानव अधिकार उल्लंघन की घटना में कार्रवाई करने के लिए जो कानून बना है तो उसमें 6 महीने की कैद का प्राविधान है। इसके अंतर्गत ₹300000 तक के जुर्माने का भी प्राविधान है यह दोनों सजाये अलग अलग तथा एक साथ भी हो सकती है इसकी कार्रवाई करने के लिए आयोग ने विशेष अदालत के गठन करने की भी सिफारिश की है

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