बढ़नी नगर पंचायत बोर्ड बैठक में अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली पर सभासदों ने जताई नाराजगी

गुरुजी की कलम से 

बढ़नी, सिद्धार्थनगर।
सोमवार को बढ़नी नगर पंचायत सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में अधूरे निर्माण कार्यों, विकास योजनाओं में देरी और प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर सभासदों ने तीखी नाराजगी व्यक्त की। बैठक में विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए अवगत कराने का निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन प्रतिनिधि सुनील अग्रहरी ने की।
बैठक की शुरुआत पिछली बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाने से हुई, जिस पर सदस्यों ने चर्चा की। इस दौरान वर्ष 2020-21 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदर्श नगर पंचायत योजना के अंतर्गत स्वीकृत लगभग 1 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से वार्ड संख्या 10 और 11 में प्रस्तावित आरसीसी नाला, फर्श एवं रेलिंग निर्माण कार्य का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सभासदों ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और प्रस्ताव निरस्त करने का निर्णय पूर्व बैठक में भी लिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

बैठक में नगर पंचायत की जेसीबी मशीन करीब डेढ़ वर्ष से खराब पड़े होने का मामला भी जोर-शोर से उठा। सभासदों ने कहा कि कई बार जानकारी मांगने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, जिससे सफाई व्यवस्था और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसे प्रशासनिक उदासीनता बताते हुए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया।

इसके अलावा जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्रों के लंबित मामलों और विकास कार्यों में हो रही देरी पर भी गंभीर चर्चा हुई। बोर्ड ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर व्यवस्था में सुधार लाने का प्रस्ताव पारित किया।

नगर पंचायत कर्मचारियों के वेतन भुगतान का मुद्दा भी बैठक में छाया रहा। सभासदों ने कहा कि कर्मचारियों का वेतन शासन के नियमों के अनुरूप दिया जाए तथा जिन कर्मचारियों का वेतन कम है, उसमें नियमानुसार वृद्धि की जाए। वहीं नगर पंचायत हित में न होने वाले भुगतानों में कटौती की मांग भी उठाई गई।

बैठक में धारा 60 एवं धारा 63 के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सभासदों ने कहा कि सार्वजनिक निर्माण, जलकल और कर्मचारियों से जुड़े मामलों में नियमों की अनदेखी की जा रही है। इस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की मांग की गई।

सभासदों ने अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। कुछ सदस्यों का आरोप था कि बोर्ड को विश्वास में लिए बिना कार्य किए जा रहे हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

बैठक के दौरान सभासद त्रिभुवन अग्रहरी, निसार अहमद, मनोज यादव, अनीता जायसवाल, रामधनी मौर्य, कन्हैया लाल, दीपमाला, आसमा खातून और दरख्शा सहित अन्य सदस्यों ने अपने विचार रखे। अंत में अन्य कोई प्रस्ताव न आने पर अध्यक्ष ने सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक समाप्ति की घोषणा की।

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