सिद्धार्थनगर जनपद मुख्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने असम के मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने का किया प्रयास
परमात्मा प्रसाद उपाध्याय की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश सिद्धार्थ नगर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के प्रति अभद्र एवं अमर्यादित टिप्पणी किए जाने के विरोध में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद के नेतृत्व में सांडी तिराहा पर जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान सांडी तिराहा पर पहले से मौजूद भारी पुलिस बल ने पुतला छीनकर उसमें लगी आग को बुझा दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक छीना-झपटी होती रही, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि भारतीय राजनीति में मर्यादा और शालीनता का विशेष महत्व रहा है, लेकिन वर्तमान समय में भारतीय जनता पार्टी के नेता लगातार भाषा की गरिमा को गिराने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि यह देश की राजनीतिक संस्कृति को भी आहत करती है।
जिला उपाध्यक्ष सादिक अहमद एवं अनिल सिंह अन्नू ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में इस प्रकार की बयानबाजी बंद नहीं हुई, तो कांग्रेस कार्यकर्ता और अधिक व्यापक स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
जिला महासचिव सतीश चन्द्र त्रिपाठी एवं राजन श्रीवास्तव ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री चुनावी हार की आशंका से बौखलाकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं, जिसकी हम सभी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
इस दौरान सुदामा प्रसाद, अश्विनी सिंह सोलंकी, मैनुद्दीन प्रधान, रितेश त्रिपाठी, रियाज़ मनिहार, मोबीन खान, दिवाकर त्रिपाठी, प्रमोद कुमार, श्रीमती रुखमीना, रियाजउद्दीन राईनी, होरी लाल श्रीवास्तव, संतोष चौधरी, पन्ना लाल साहनी, अकरम अली, ज़ुबैर खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में इस प्रकार की अमर्यादित भाषा की कड़ी निंदा की ।