नेपाल के पूर्व प्रधान मंत्री के केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखकहिरासत से मुक्त नेपाली पुलिस ने न्यायालय के आदेशके अनुपालनमेंरिहा कर दिया
गुरु जी की कलम से
मिली जानकारी के अनुसार सर्वोच्च अदालत के आदेश के मुताबिक ओली को उनकी पत्नी राधिका शाक्य और लेखक को उनकी पत्नी यशोदा लेखक के जिम्मा छोड़ दिया गया है
इस बात की जानकारी काठमांडू पुलिस प्रमुख एसपी रमेश थापा ने दिया
ओली और लेखक के परिवार द्वारान्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल किया गया था
नेताओं के परिवार द्वारादायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के सुनवाई के दौरान अदालत में स्पष्ट किया था किपहले ही न्यायालय द्वारा मिले 5 दिन की रीमाण्ड का समय समाप्त होने के बाद इन लोगों को हिरासत से मुक्त कर दिया जाए
अदालत द्वारा मिले तीसरी बार रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद नेपाल देश की फौजदारी सहिता 2072 की धारा 15 के आधार पर इन लोगों को हिरासत मुक्त किया गया है
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के वरिष्ठ नेता बालेंद्र शाह के प्रधानमंत्री बनते ही जो मंत्री परिषद की बैठक हुई थी उसमें यह निर्णय लिया गया था कि जेन जी आंदोलन के समय घटित घटनाक्रम की जांच के लिए जो गौरी बहादुर कार्की के नेतृत्व
वाला
जांच आयोग बैठाया गया था उसके निर्णय को तत्काल लागू किया जाए सरकार के इस मनसा को ध्यान में रखते हुए नेपाल पुलिस के आईजी
दान बहादुर कार्की की और सशस्त्र पुलिस प्रमुख राजू आर्य आर्याल ने आपस में विचार विमर्श कर
दूसरे दिन सुबह ही केपी शर्मा ओली रमेश लेखक को अरेस्ट वारंट दिखाकर गिरफ्तार कर लिया