उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के खुनुवां बॉर्डर पर बॉर्डर पार करते समय दो युवक पकड़े गए नाबालिग युवती बचाई गई,
गुरु जी की कलम से
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपदकेभारत-नेपाल सीमा स्थित खुनुवां चेक पोस्ट पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की सतर्कता से एक नाबालिग भारतीय युवती को संदिग्ध परिस्थितियों में नेपाल ले जाए जाने से बचा लिया गया। इस मामले में दो युवकों को हिरासत में लेकर अग्रिम कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, 43वीं वाहिनी एसएसबी के अंतर्गत डी समवाय खुनुवां चेक पोस्ट पर बुधवार को दोपहर 1 बजे से शाम 7 बजे तक नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सीमा स्तंभ संख्या 556 के पास करीब 2 बजे दो युवक एक युवती के साथ नेपाल की ओर जाते हुए दिखाई दिए। ड्यूटी पर तैनात एसएसबी जवानों ने तीनों को रोककर पूछताछ की।
पूछताछ में एक युवक ने युवती को अपनी पत्नी बताते हुए नेपालम मे घूमने-फिरने जाने की बात कही, लेकिन मामला संदिग्ध लगने पर इसकी सूचनातत्काल समवाय प्रभारी को दी गई। इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) 66वीं वाहिनी एसएसबी व उत्तर प्रदेश पुलिस को मौके पर बुलाया गया।
कई विभागो केसंयुक्त पूछताछ में युवक अपने बयान पर कायम नहीं रह सका। जांच में युवती नाबालिग पाई गई और उसके परिजनों से संपर्क करने पर उसकी मां ने दोनों युवकों के बारे में अनभिज्ञता जताई। इससे स्पष्ट हुआ कि युवती को बहला-फुसलाकर नेपाल ले जाने का प्रयास किया जा रहा था।
तलाशी के दौरान आरोपितों के पास से बिना नंबर की बजाज पल्सर 125 सीसी मोटरसाइकिल और दो वीवो मोबाइल फोन बरामद किए गए। अधिकारियों ने आशंका जताई कि यदि युवती नेपाल पहुंच जाती तो वह मानव तस्करी का शिकार हो सकती थी।
युवती की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एसएसबी, एएचटीयू और ‘मानव सेवा संस्थान’ के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में उसे तथा दोनों युवकों को बुधवार रात करीब 8 बजे एएचटीयू उत्तर प्रदेश पुलिस, सिद्धार्थनगर को सौंप दिया गया।
एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि पूरी कार्रवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय व मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।