डॉ. मसीहुद्दीन ख़ान को “अवध रत्न पुरस्कार” से सम्मानित किया गया

लखनऊ, 1 दिसंबर (प्रेस रिपोर्ट) — प्रतिष्ठित साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. मसीहुद्दीन ख़ान को संगम फ़ाउंडेशन द्वारा युवा क़लमकार “अवध रत्न पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान आज कैफ़ी आज़मी अकादमी, लखनऊ में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। यह सम्मान उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आज़ाद, पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉ. अम्मार रिज़वी, कुलपति प्रो. अजय तनेजा, प्रो. सैयद शफ़ीक अहमद अशरफ़ी, प्रो. अब्बास रज़ा नैयर, तथा सैयद ज़फ़र इक़बाल (लंदन) द्वारा संयुक्त रूप से दिया गया।
इस अवसर पर प्रो. फ़ख़्र आलम, प्रो. सोबान सईद, नदीम अशरफ़ जाइसी, सैयद ज़ुल्फ़िकार अली, सैयद परवेज़ अशरफ़, डॉ. नीरज शुक्ला, डॉ. मोहम्मद जावेद अख्तर, डॉ. मोहम्मद अक़मल, डॉ. आज़म अंसारी, डॉ. सरवत त़क़ी, डॉ. अब्दुल हफीज़, हमाम वहीद सहित अनेक विद्वानों ने डॉ. मसीहुद्दीन को बधाई देते हुए उनकी साहित्यिक व सामाजिक सेवाओं की सराहना की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

यह उल्लेखनीय है कि डॉ. मसीहुद्दीन खान को इससे पहले भी अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें —
निशान फ़ख़रुद्दीन अली अहमद सम्मान, हयातुल्लाह अंसारी साहित्य पुरस्कार, रामलाल पुरस्कार, मुंशी नवल किशोर पुरस्कार, पद्मश्री अनवर जलालपुरी पुरस्कार, निशान-ए-उर्दू पुरस्कार, सलाम लखनऊ आईना-ए-संस्कृति पुरस्कार, दीनदयाल उपाध्याय सद्भावना पुरस्कार आदि शामिल हैं।

डॉ. मसीहुद्दीन ख़ान के अनेक लेख प्रकाशित हो चुके हैं। वे साहित्यिक स्मारिका “हम नाज़िश-ए-मुल्क ओ मिल्लत” के संपादक हैं और अब तक 100 से अधिक सेमिनार और कॉन्फ़्रेंस का आयोजन कर चुके हैं। वे कई संगठनों के संस्थापक व सलाहकार भी हैं और कार्यक्रमों में कोऑर्डिनेटर तथा नाज़िम-ए-जलसा के रूप में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

उनके साथियों एवं शुभचिंतकों ने इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है।

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