SIR (Special Intensive Revision) पर क्यों मचा है देशभर में हंगामा?
SIR का इतना चर्चा क्यों ?
अब SIR (Special Intensive Revision) अब देश के लिए ऐसा मुद्दा बन गया है NDA SIR के परिणाम के बारे में अपनी सोच जैसा आकलन कर रहा है इंडिया ब्लाक अपनी सोच की तरीके से इसका विरोध कर रहा है
SIR यानी "विशेष गहन पुनरीक्षण" एक ऐसा कार्यक्रम है जिसके तहत बिहार में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम अपडेट या हटाए जा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि इससे लाखों मतदाताओं- खासकर गरीब, दलित या पिछड़े वर्गों को वोटिंग से वंचित किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।
विपक्षी दलों के संयुक्त प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाना है ताकि इस मुद्दे पर पारदर्शिता हो और SIR प्रक्रिया की समीक्षा की जाए या इस पर तुरन्त रोक लगाई जाए इस मुद्दे पर देश के कई राजनीतिक दलों के नेता संसद में और संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं
संसद में और बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान, कई नेता - including राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव ने SIR की प्रक्रिया को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले की संज्ञा देते हुए इसको "वोट चोरी" मानते हुए इस तरह पेश किया जैसा कि यह कोई बहुत ही बड़ा अपराध है इस पर राजनीतिक दलों के नेताओं ने , सरकार की तीखी आलोचना किया है अब फिर SIR के मुद्दे पर विपक्षी दलों में एक जुटता बढ़ती हुई नजर आ रही है नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुआई में विपक्षी दलों ने एकजुट होकर SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है, जिसका मकसद लोकतंत्र के अधिकारों को संरक्षित रखना और सरकार को जवाबदेह बनाना है। राहुल गांधी को इस आंदोलन से "विपक्ष का सर्वमान्य नेता" के रूप में पहचान मिलती दिख रही है।