नेपाल में इज़रायली गतिविधियों में असाधारण तेजी मंत्रालयों में बढ़ती पहुंच और गुप्त बैठकों की दौर ने , फ़िलस्तीनी समर्थन की परंपरा के लिए बढ़ाई चिंता

परमात्मा प्रसाद उपाध्याय 
 काठमांडू, 19 जुलाई 2025
नेपाल में हाल के दिनों में इज़रायल की राजनयिक गतिविधियों में अप्रत्याशित तेजी देखी जा रही है, जिसने राष्ट्रीय संप्रभुता, अस्मिता और विदेश नीति की दिशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस घटनाक्रम की ताजा कड़ी के रूप में 18 जुलाई को नेपाल सरकार के शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री  पंत और नेपाल में तैनात इज़रायली राजदूत शमुलिक आरी बास के बीच मंत्रालय में एक लंबी, लेकिन गोपनीय बैठक हुई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बातचीत का विषय शिक्षा क्षेत्र में सहयोग बताया गया, मगर यह तथ्य अत्यंत चिंताजनक है कि इस मुलाकात को न तो सरकारी चैनलों ने साझा किया और न ही किसी प्रमुख मीडिया संस्थान ने रिपोर्ट किया।
यह कोई नई बात नहीं है। बीते महीनों में इज़रायली राजदूत की नेपाल के विभिन्न मंत्रालयों में लगातार पहुंच, वरिष्ठ अधिकारियों से बंद दरवाजों के पीछे मुलाकातें और संवेदनशील विभागों में बढ़ती दिलचस्पी अब लोगों में गहरी चिंता का विषय बन चुका है। विशेष रूप से नीति निर्माण से जुड़े विभागों में इज़रायली सक्रियता नेपाल की पारदर्शिता और आत्मनिर्णय पर सवाल उठाती है।
नेपाल में इज़रायली राजदूत को जिस प्रकार की विशेष छूट और अनदेखी स्वतंत्रता दी जा रही है, वह उस नेपाल के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है जिसने हमेशा फ़िलस्तीनी जनता के समर्थन में आवाज उठाई है और मानवता व न्याय का पक्ष लिया है।
इस संदर्भ में राष्ट्रीय मदरसा संघ नेपाल के अध्यक्ष और जामिया सिराजुल उलूम सलफ़िया झंडानगर के प्रोफेसर डॉ.  अब्दुल गनी अलक़ूफ़ी ने कहा
"नेपाल एक संप्रभु और शांतिप्रिय राष्ट्र है। इज़रायल की गुप्त गतिविधियां और मंत्रालयों तक बारंबार पहुंच नेपाल की विदेश नीति की आत्मा पर चोट है। हम इन गतिविधियों की घोर निंदा करते हैं और नेपाल ‌सरकार से मांग करते हैं कि इज़रायल को दी जा रही खुली छूट पर तत्काल रोक लगाई जाए।"
राष्ट्रीय मदरसा संघ नेपाल के महासचिव और माओवादी केंद्र लुंबिनी प्रदेश के वरिष्ठ नेता मौलाना मशहूद खां नेपाली ने भी इस पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए कहा
"नेपाल सदैव पीड़ितों के साथ खड़ा रहा है। फ़िलस्तीन के साथ हमारे संबंध केवल राजनयिक नहीं, बल्कि नैतिक और आत्मिक हैं। इज़रायली राजदूत की गुप्त बैठकें और उनकी जानकारी को जनता से छिपाना, हमारी पारदर्शिता और संप्रभुता दोनों के लिए खतरे की घंटी है। सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए स्पष्ट नीति अपनानी चाहिए।"
हम नेपाल सरकार से अपील करते हैं कि इज़रायली हस्तक्षेप पर तत्काल नियंत्रण लगाया जाए, राजनयिक गतिविधियों को पारदर्शी और सीमित बनाया जाए, और नेपाल-फ़िलस्तीन के गरिमापूर्ण संबंधों की रक्षा पूरे संकल्प के साथ की जाए।
नेपाल की अस्मिता, गरिमा और संप्रभु पहचान की रक्षा के लिए यह आवश्यक है कि इज़रायल जैसे आक्रामक राष्ट्र को देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की अनुमति कदापि न  दी जाए। अब खामोशी कोई विकल्प नहीं रह गया सच के साथ खड़े होना और न्याय के पक्ष में आवाज उठाना ही राष्ट्रीय कर्तव्य है।
फिलिस्तीन समर्थक नेपाल का इजराइल की ओर झुकाव विदेश नीति में चौंकाने वाला मोड़ हैं अब इजराइल की बुरी नजर नेपाल पर पड़ गई है
मौलाना मशहूद खां नेपाली का स्पष्ट संदेश इजराइल की नजदीकी नेपाल के जमीर से खुली बगावत है
वर्षों तक फिलिस्तीन के पीड़ितों के लिए आवाज उठाने वाला नेपाल आज विदेश नीति के ऐसे मोड़ पर खड़ा है जो उसके ऐतिहासिक और नैतिक रुख के बिल्कुल विपरीत है हाल की घटनाएं संकेत देती हैं कि नेपाल धीरे धीरे इजराइल जैसे देश की ओर झुक रहा है जो कब्जा हिंसा और मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए विश्व में कुख्यात है



12 से 18 जुलाई के बीच इजराइली विदेश मंत्रालय के निमंत्रण पर नेपाल से एक 14 सदस्य उच्च आश्चर्य सरकारी प्रतिनिधिमंडल इसराइल गया हुआ है जो वहा म्यूनि एक्सपो 2025 में भाग ले रहा है जो इजराइल का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय नगरपालिका सम्मेलन माना जाता है
प्रतिनिधिमंडल में शहरी विकास मंत्रालय राष्ट्रीय योजना आयोग और विभिन्न नगरपालिकाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं यह दौरा केवल कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं बल्कि नेपाल और इजराइल के बीच गहराते रिश्तों का स्पष्ट संकेत है
नेपाल का इतिहास हमेशा फिलिस्तीन के समर्थन का रहा है नेपाली जनता ने हर स्तर पर फिलिस्तीनीयो के अधिकारों की हिमायत की है चाहे वह अंतरराष्ट्रीय मंच हो या सड़कों पर प्रदर्शन नेपाल की नीति हमेशा न्याय और मानवता पर आधारित रही है
पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई ने अपने कार्यकाल में कहा था कि अगर आज संयुक्त राष्ट्र में मतदान हो तो नेपाल निःसंकोच फिलिस्तीन के पक्ष में और इजराइल के विरोध में वोट देगा
नेपाल समाजवादी पार्टी नया शक्ति के केंद्रीय सदस्य डॉ अब्दुल मुबीन ने कहा कि जब इजराइल ने शुरुआत में ही फिलिस्तीन पर हमला किया था तब हमारी पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री की अगुवाई में इजराइली दूतावास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया था हम हर मंच पर फिलिस्तीन के समर्थन और इजराइल की नीतियों के विरोध में खड़े रहे है नेपाल की धरती हमेशा मजलूमों की आवाज रही है अगर आज नेपाल इजराइल की ओर झुकता है तो यह न सिर्फ फिलिस्तीन से बल्कि अपने ही जमीर से बेवफाई होगी नेपाल को अपनी तटस्थ और न्यायप्रिय विदेश नीति पर कायम रहना चाहिए
मौलाना ने कहा हमें दुनिया की जालिम ताकतों के खिलाफ खड़ा होना है इजराइल जैसे देश से संबंध मजबूत करना नेपाल की ऐतिहासिक पहचान और जनता की भावनाओं के खिलाफ है
11 जुलाई को काठमांडू में माओवादी केंद्र एकीकृत समाजवादी पार्टी सहित 12 वामपंथी दलों ने मिलकर एक विशाल शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया प्रदर्शनकारियों ने फिलिस्तीन के समर्थन और इजराइल अमेरिका की नीतियों के विरोध में नारे लगाए बैनर तख्तियों और भाषणों के माध्यम से फिलिस्तीनी जनता के साथ एकजुटता जताई गई और नेपाल सरकार से इजराइल के साथ संबंधों की समीक्षा की मांग की गई
नेपाली जनता को आत्ममंथन करना होगा क्या यह वही नेपाल है जिसने हमेशा सच और न्याय के पक्ष में खड़े होकर विश्व में सम्मान पाया या अब नेपाल भी साम्राज्यवादी चालों में उलझ रहा है
समय की मांग है कि नेपाल सरकार अपने ऐतिहासिक और नैतिक उसूलों पर अडिग रहे न्याय मानवता और पीड़ितों के समर्थन को विदेश नीति की नींव बनाए और हमेशा सच्चाई और इंसाफ के साथ खड़ी हो

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