फिलिस्तीन के समर्थन में नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टियाँ एकजुट, इस्राइली अत्याचारों के खिलाफ ऐतिहासिक घोषणा

काठमांडू। मध्य पूर्व में इस्राइल की बढ़ती दमनात्मक कार्रवाइयों और फिलिस्तीनी जनता पर हो रहे अमानवीय अत्याचारों के खिलाफ नेपाल की प्रमुख कम्युनिस्ट पार्टियाँ एकजुट हो गई हैं। काठमांडू के पेरिस डाँडा स्थित माओवादी केंद्र के मुख्यालय में शनिवार को हुई ऐतिहासिक बैठक में पाँच बड़ी कम्युनिस्ट पार्टियों के शीर्ष नेताओं ने इस्राइली ज़ुल्म के खिलाफ साझा संघर्ष का ऐलान किया।

बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री एवं माओवादी केंद्र के अध्यक्ष पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड', संयुक्त समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष माधव कुमार नेपाल, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (विप्लव) के नेता खड्ग बहादुर विश्वकर्मा, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (मसाल) के नेता मोहन विक्रम सिंह और क्रांतिकारी माओवादी पार्टी के महासचिव सी पी गजुरेल शामिल रहे।

बैठक के बाद माओवादी केंद्र के महासचिव देव गुरुङ ने कहा कि फिलिस्तीनी जनता पर हो रहे इस्राइली अत्याचार मानवता के खिलाफ अपराध हैं और इसके विरोध में एक संगठित, व्यापक और प्रभावशाली जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन अस्थायी नहीं बल्कि दीर्घकालीन वैश्विक न्याय के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

इस अवसर पर लुम्बिनी प्रदेश के वरिष्ठ नेता मौलाना मशहूद खां नेपाली ने कहा, “फिलिस्तीनी जनता के समर्थन में नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टियाँ पूरी तरह एकजुट हैं। यह सिर्फ एक राजनीतिक कदम नहीं बल्कि मानवीय ज़िम्मेदारी है। अन्याय के खिलाफ हमारी आवाज़ हर हाल में बुलंद रहेगी।”

बैठक में यह भी तय किया गया कि विरोध मंच की स्थापना कर वैश्विक स्तर पर समन्वित रणनीति के तहत इस्राइली बर्बरता के खिलाफ आवाज़ उठाई जाएगी और दुनिया के तमाम सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों से सहयोग बढ़ाया जाएगा।

यह ऐतिहासिक एकजुटता नेपाल ही नहीं, पूरे दक्षिण एशिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्याय के खिलाफ खड़े होने का एक प्रेरक उदाहरण बन गई है।

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