मुख्तार अहमद बने नेपाल हज समिति के नए अध्यक्ष, अल्पसंख्यक समुदाय में खुशी की लहरगृहमंत्री रामेश लेखक की सिफारिश पर हुई ऐतिहासिक नियुक्ति, हज यात्रियों को बेहतर सेवाओं की उम्मीद
मुख्तार अहमद बने नेपाल हज समिति के नए अध्यक्ष, अल्पसंख्यक समुदाय में खुशी की लहर
गृहमंत्री रामेश लेखक की सिफारिश पर हुई ऐतिहासिक नियुक्ति, हज यात्रियों को बेहतर सेवाओं की उम्मीद
काठमांडू/सिरहा, नेपाल —
नेपाल सरकार ने एक ऐतिहासिक और साम्प्रदायिक सौहार्द्र को बढ़ावा देने वाला फैसला लेते हुए सिरहा जिले के किल्यानपुर नगरपालिका-12 निवासी और विख्यात सामाजिक कार्यकर्ता मुख्तार अहमद को नेपाल हज समिति का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति देश के गृह मंत्री रामेश लेखक की सिफारिश पर की गई, जिसे अल्पसंख्यक समुदाय में सकारात्मक प्रतिनिधित्व और धार्मिक समावेशिता की दिशा में एक साहसिक कदम माना जा रहा है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, हज समिति के अन्य सदस्यों के चयन की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी की जाएगी। मुख्तार अहमद एक समर्पित, ईमानदार और निस्वार्थ सामाजिक सेवक के रूप में लंबे समय से पहचाने जाते हैं। शिक्षा, सेवा और राष्ट्रीय एकता के क्षेत्र में उनके योगदान को व्यापक सराहना मिली है।
धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने जताई प्रसन्नता
इस नियुक्ति के बाद देशभर के मदरसों, धार्मिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों में हर्ष की लहर दौड़ गई है।
जामिया सिराजुल उलूम अल्सलफियह झंडा नगर नेपाल के नाज़िम-ए-आला मौलाना शमीम अहमद नदवी ने इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा:
“मुख्तार अहमद साहब की अध्यक्षता में हज समिति हज यात्रियों की आवश्यकताओं और सुविधाओं में ठोस और सकारात्मक सुधार लाएगी।”
राष्ट्रीय मदरसा संघ नेपाल के अध्यक्ष और वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. अब्दुल गनी अलकूफी ने कहा:
“यह निर्णय अल्पसंख्यक समुदाय के विश्वास और प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी अगुवाई में समिति पारदर्शिता और कार्यक्षमता के नए मानदंड स्थापित करेगी।”
संघ के महासचिव मौलाना मशहूद खां नेपाली ने भी अपनी प्रतिक्रिया में कहा:
“मुख्तार अहमद साहब एक ईमानदार, सेवाभावी और दूरदर्शी नेता हैं। उनकी अध्यक्षता में हज समिति में पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा भावना का नया दौर शुरू होगा।”
बेहतर हज सेवाओं की आशा
हज समिति का कार्य न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह नेपाल की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी प्रभावित करता है। मुख्तार अहमद को मिली यह जिम्मेदारी उनके सामाजिक अनुभव, समर्पण और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए पूरी तरह उपयुक्त मानी जा रही है।
धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने विश्वास जताया है कि नई हज समिति पारदर्शिता, सेवा, सरलता और राष्ट्रीय गौरव के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए हज यात्रियों को पहले से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
यह फैसला हज व्यवस्था में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करेगा, और अल्पसंख्यक समुदाय के लिए यह एक सम्मान और उम्मीद का प्रतीक बन गया है।