इंडो-नेपाल बॉर्डर पर तस्करों की खैर नहीं! बड़े सिंडिकेट पर गिरेगी गाज़ उच्चस्तरीय बैठक में बनी रणनीति, मेडिकल स्टोरों पर भी नजर
बढ़नी, सिद्धार्थनगर।
इंडो-नेपाल सीमा से फैली मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अब बड़ा अभियान चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। बुधवार को बढ़नी बॉर्डर स्थित कस्टम सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) बस्ती मंडल संजीव त्यागी और सहायक आयुक्त सीमाशुल्क गोरखपुर सुधीर त्यागी ने कमान संभाली।
बैठक में नारकोटिक्स ड्रग्स, नशीली दवाओं की तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल नेटवर्क की पहचान और उन पर कड़ी कार्रवाई को लेकर विस्तृत मंथन हुआ।
अब बड़े तस्कर होंगे निशाने पर
डीआईजी संजीव त्यागी ने स्पष्ट किया कि अब फोकस छोटे कैरियर नहीं, बल्कि बड़े सिंडिकेट्स को ध्वस्त करना है। उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य तस्करी के मूल स्रोतों को खत्म करना है। छोटे मोहरों के बजाय अब उन बड़े खिलाड़ियों को निशाना बनाया जाएगा, जो सीमा पार से संगठित तरीके से नशे का व्यापार चला रहे हैं।"
एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर
बैठक में मौजूद पुलिस, कस्टम, एसएसबी, प्रशासनिक और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को आपसी समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने गैर-परंपरागत रास्तों से हो रही तस्करी को रोकने के लिए साझा रणनीति अपनाने पर सहमति जताई।
मेडिकल स्टोरों की भी होगी जांच
बॉर्डर क्षेत्र के कुछ मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित नशीली दवाओं की अवैध बिक्री को लेकर गहरी चिंता जताई गई। तय हुआ कि ऐसे मेडिकल स्टोरों की विशेष निगरानी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
अहम अधिकारी रहे मौजूद
इस बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार, एसडीएम राहुल सिंह, सीओ शोहरतगढ़ सुजीत राय, कस्टम सुप्रिटेंडेंट आर.जी. राम, डी.एन. दूबे, इंस्पेक्टर दिनेश, ढेबरुआ थाना अध्यक्ष गौरव सिंह, चौकी इंचार्ज बढ़नी अनिरुद्ध सिंह, एसएसबी 43वीं वाहिनी की डिप्टी कमांडेंट रीना और 66वीं वाहिनी के डिप्टी कमांडेंट प्रभाकर चतुर्वेदी समेत विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष:
बैठक का मूल उद्देश्य था—सीमा पार से हो रही तस्करी की जड़ों तक पहुंचना और उन्हें समूल नष्ट करना। आने वाले दिनों में इंडो-नेपाल सीमा पर सघन कार्रवाई देखने को मिल सकती है, जिससे अवैध गतिविधियों में लिप्त सिंडिकेटों की रीढ़ तोड़ने की पूरी तैयारी है।