संविधान बचाओ सम्मेलन में कांग्रेस का हुंकार: "2027 में भाजपा को सत्ता से बेदखल करेंगे"
बढ़नी, सिद्धार्थनगर।
देशभर में संविधान पर कथित हमलों को लेकर कांग्रेस अब सड़कों पर उतर आई है। मंगलवार को शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ढेबरुआ में "संविधान बचाओ सम्मेलन" का आयोजन हुआ, जिसमें पार्टी के प्रदेश व ज़िला स्तर के तमाम नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस आयोजन का नेतृत्व अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव अकील अहमद मुन्नू ने किया।
सम्मेलन में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए संविधान की रक्षा का संकल्प दोहराया। जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, "संविधान हमारा मार्गदर्शक है, इसकी रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है। बाबा साहब अंबेडकर के बनाए संविधान ने हमें अधिकार दिए हैं। अगर यह न होता, तो आज हालात कुछ और होते। 2027 में भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकना हमारा लक्ष्य है।
प्रदेश सचिव डॉ. नादिर सलाम ने कार्यकर्ताओं को 100 दिनों में हर बूथ पर कांग्रेस को मज़बूत करने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा, "गांव-गांव जाकर कांग्रेस के जांबाज सिपाही खोजें और उन्हें संगठन से जोड़ें।"
वहीं, अकील अहमद मुन्नू ने अल्पसंख्यकों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को संविधान से जोड़ा। एडवोकेट अब्दुस्सलाम ने कहा कि कानून का राज और न्याय केवल संविधान के दायरे में सुरक्षित है। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज चतुर्वेदी ने युवाओं से संविधान के मूल्यों को समझने और उनके लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।
सम्मेलन में रियाज मनिहार, ब्लॉक अध्यक्ष इश्तियाक चौधरी, ग़ालिब बिसेन, कृष्ण बहादुर सिंह, दीपक यदुवंशी, मैनुद्दीन, शाकिर अली, हफीज अहमद सल्फी, सुरेश शुक्ल, अशफाक प्रधान, जाकिर हुसैन बब्बू प्रधान, कमर आलम, अनीस शाह और यार मोहम्मद सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वक्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयासों और संवैधानिक संस्थाओं पर कथित हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई।
सम्मेलन का उद्देश्य जनता को संविधान के प्रति जागरूक करना और आगामी चुनावों के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरना था।