होनहार नौजवान खुर्शीद आलम ख़ान का इंतकाल, क्षेत्र में शोक की लहर
कपिलवस्तु, कृष्णानगर:
कृष्णानगर के चैपुरवा गाँव से एक बेहद दुखद और ह्रदयविदारक खबर सामने आई है। गाँव के एक शालीन, विनम्र और प्रतिभाशाली नौजवान खुर्शीद आलम ख़ान का कम उम्र में आकस्मिक निधन हो गया है। इस खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और हर आंख नम है।
"इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन"
मौत एक अटल हक़ीक़त है, लेकिन खुर्शीद जैसे होनहार और नेकदिल इंसान का यूं अचानक चले जाना न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे समाज के लिए गहरा आघात है। उनकी नमाज़े जनाज़ा आज शाम 5 बजे नमाज़े-असर के बाद अदा की जाएगी।
खुर्शीद साहब के बड़े भाई जनाब जावेद आलम ख़ान ने ग़मगीन लहजे में कहा:
"हमने सिर्फ़ एक भाई नहीं, अपने दिल का टुकड़ा खो दिया है। वह घर की रौनक और उम्मीद का चराग़ था जो वक़्त से पहले बुझ गया।"
वहीं उनके दूसरे भाई जनाब तुफ़ैल आलम ख़ान ने नम आंखों से कहा:
"भाई का जाना ऐसा ज़ख्म है जो ज़िंदगी भर हरा रहेगा। वह बहुत सलीकेदार और हर किसी की परवाह करने वाला इंसान था।"
जामिया सिराजुल उलूम नेपाल के प्रवक्ता मौलाना मशहूद ख़ान ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा:
"खुर्शीद आलम ख़ान एक नेकदिल, अदब और मोहब्बत से भरे हुए नौजवान थे। उनका यूं चले जाना समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। हम अल्लाह से दुआ करते हैं कि उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता हो और उनके परिजनों को सब्र मिलें।"
इस दुखद अवसर पर क्षेत्र के अनेक प्रमुख व्यक्ति और आम नागरिक शामिल हुए।
डॉ. सलमान ख़ान, परवेज़ आलम ख़ान, शमशेर आलम ख़ान, जमशेद आलम ख़ान, अकील मियाँ, शहीद ख़ान,
माओवादी केंद्र के ज़िला अध्यक्ष विष्णु बेलबासे, समेत सैकड़ों लोगों ने शोक-संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
चैपुरवा की फ़िज़ा इस समय ग़म में डूबी हुई है। हर दिल से यही दुआ निकल रही है:
"या अल्लाह! हमारे प्यारे खुर्शीद को अपनी रहमत के साए में ले ले, उनकी मग़फ़िरत फ़रमा और उनके परिवार को सब्र दे। आमीन!