कृष्णनगर में बदलाव की बयार: 18 अप्रैल को आएंगे प्रचण्ड, माओवादी केंद्र में नया जोश
कृष्णनगर, कपिलवस्तु | विशेष प्रतिनिधि
लुम्बिनी की पुण्यभूमि एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और माओवादी केंद्र के अध्यक्ष पुष्प कमल दहाल ‘प्रचण्ड’ 18 अप्रैल को कृष्णनगर बहादुरगंज में ऐतिहासिक दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा न केवल राजनीतिक दृष्टि से अहम है, बल्कि सामाजिक न्याय, हाशिये पर खड़े समुदायों की आवाज़ और जन जागरूकता की नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
मौलाना मशहूद खान नेपाली का प्रेरणादायक बयान
दौरे की तैयारियों के तहत मौलाना मशहूद खान नेपाली की रिहाइश पर एक अहम बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें माओवादी केंद्र के राष्ट्रीय, जिला और स्थानीय नेतृत्व के साथ-साथ समाज के प्रबुद्ध जन भी शामिल हुए।
मौलाना ने कहा, "प्रचण्ड की आमद केवल एक नेता की आमद नहीं, यह उन आवाज़ों की वापसी है जिन्हें लंबे समय से दबा दिया गया था। अब गरीब, मजदूर, दलित, मधेसी, मुस्लिम और पिछड़े समुदाय नेतृत्व और सम्मान की मुख्यधारा में होंगे।"
उन्होंने माओवादी आंदोलन को वंचितों के संघर्ष और समानता की ओर अग्रसर प्रेरणा बताया।
नेतृत्व का उद्बोधन: सबका आंदोलन
बैठक में कपिलवस्तु इंचार्ज रुद्र बंजाडे ने कहा, "यह आंदोलन अब केवल नेपाल का नहीं रहा, बल्कि उन सभी का है जो सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्षरत हैं।"
जिला अध्यक्ष विष्णु बेलबासे ने भावुक अंदाज़ में कहा, "हम नारे नहीं, दिलों को जोड़ते हैं। जो खुद को राजनीति में अजनबी समझते थे, वही अब परिवर्तन के प्रतिनिधि बनेंगे।"
बड़ी संख्या में शामिल होंगे लोग
इस बैठक में यह भी ऐलान हुआ कि सैकड़ों लोग विभिन्न दलों से माओवादी केंद्र में शामिल होने जा रहे हैं, जो एक नई विचारधारा और उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर होंगे।
समाज के हर वर्ग की भागीदारी
अर्जुन सापकोटा, टोप नारायण बेलबासे, जावेद आलम खान, केस रवली, हैदर खान, मुस्तफा अहमद और हज कमिटी के सदस्य मिर्जा राशिद बेग समेत कई समाजसेवियों ने इस दौरे को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकने का संकल्प लिया।
उम्मीदों की सुबह
18 अप्रैल को कृष्णनगर में केवल एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि बदलाव, जागरूकता और सामाजिक न्याय की एक नई सुबह का आग़ाज़ होगा।
अब फिजाओं में बदलाव की बयार है — और उम्मीद की एक नई रोशनी आकाश में फैल रही है।
– रिपोर्ट: कृष्णनगर संवाददाता