नेपाल गृह मंत्रालय की सख्त चेतावनी: विरोध संवैधानिक हो, कानून तोड़ने पर होगी कार्रवाई
काठमांडू नेपाल: राष्ट्रिय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) द्वारा घोषित आगामी विरोध रैली और जनसभा को लेकर नेपाल के गृह मंत्रालय ने दो-टूक संदेश देते हुए एक सख्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। मंत्रालय ने विरोध के संवैधानिक अधिकार को मान्यता देते हुए यह स्पष्ट किया कि कानून और सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा।
राप्रपा ने 2081 बैशाख 6 गते कानून आयोग कार्यालय तक विरोध रैली निकालने और तोखा क्षेत्र में जनसभा आयोजित करने की घोषणा की है। इसके जवाब में गृह मंत्रालय ने कहा है कि संविधान के तहत नागरिकों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार केवल शांति, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द के भीतर ही सीमित है।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता रामकृष्ण तिवारी द्वारा हस्ताक्षरित विज्ञप्ति में चेतावनी दी गई है कि यदि विरोध के दौरान हिंसा, सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, या सामाजिक-धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हुई, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रालय ने सभी राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे अपने कार्यक्रमों को संविधान और कानून के तहत ही संचालित करें, ताकि देश में शांति, स्थिरता और भाईचारा बना रहे।
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब राप्रपा अपने गिरफ्तार नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर व्यापक आंदोलन की तैयारी में जुटी है। राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को लेकर हलचल तेज हो गई है।