तीनकुने हिंसा कांड: दुर्गा प्रसाई भारत से गिरफ्तार, काठमांडू लाए जा रहे हैं
काठमांडू, 10 अप्रैल – राजधानी काठमांडू के तीनकुने क्षेत्र में 15 चैत्र को हुए उग्र प्रदर्शन और हिंसा के मुख्य आरोपी दुर्गा प्रसाई को नेपाल पुलिस ने भारत से गिरफ्तार कर लिया है। राष्ट्र, राष्ट्रीयता, धर्म-संस्कृति तथा नागरिक बचाओ महाभियान के संयोजक प्रसाई, घटना के बाद भारत फरार हो गए थे। पुलिस के उच्च सूत्रों ने पुष्टि की है कि उन्हें भारत से हिरासत में लेकर आज ही काठमांडू लाया जा रहा है।
तीनकुने प्रदर्शन के दौरान प्रसाई पर प्रदर्शनकारियों को भड़काने और पुलिस पर वाहन चढ़ाने का आरोप है। इस घटना के बाद राजधानी में तनाव का माहौल बन गया था, जिसमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, गोलीबारी, आगजनी और लूटपाट की घटनाएं सामने आईं।
गिरफ्तारी से पहले भावुक वीडियो संदेश
गिरफ्तारी से एक दिन पहले जारी एक वीडियो संदेश में दुर्गा प्रसाई ने कहा था कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया, बल्कि "जनविद्रोह" की रक्षा के लिए छिपे थे। उन्होंने खुद को एक विचार और क्रांति का प्रतीक बताते हुए कहा, "दुर्गा एक सोच है, एक क्रांति है।"
प्रसाई ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें गिरफ्तार किया गया, तो जनआंदोलन को कुचल दिया जाएगा। उन्होंने पेरू के विद्रोही नेता गोन्जालो का उदाहरण देते हुए कहा कि वे गोन्जालो नहीं, बल्कि नेपाली जनता का सेवक बनना चाहते हैं।
पहले से कई गिरफ्तारियां
इससे पहले नेपाल पुलिस ने राप्रपा नेता धवलशमशेर राणा, रवीन्द्र मिश्र समेत कई आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया था। दुर्गा प्रसाई की गिरफ्तारी को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस शुरू होने की संभावना है।
अब आगे क्या?
दुर्गा प्रसाई की गिरफ्तारी के बाद यह देखना अहम होगा कि सरकार इस मामले को कैसे आगे बढ़ाती है और जनआंदोलन का भविष्य किस दिशा में जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में नेपाल की सियासी फिजा और गर्म हो सकती है।